मतदाता सूची किसी भी निर्वाचन का प्रमुख आधार हाती है। इसलिए राज्य निर्वाचन आयोग के द्वारा अपने निर्देशन, नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण में जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) निकायों के निर्वाचन के निमित्त मतदाता सूची की तैयारी का दायित्व सौपा गया है।
1. वैधानिक उपबंध-
बिहार पंचायत राज अधिनियम,2006 की धारा 126 एवं बिहार पंचायत निर्वाचन नियमावली, 2006 के अध्याय-4 के नियम 19 से 25 के अन्तर्गत मतदाता सूची की परिभाषा, तैयारी एवं प्रक्रिया के संबंध में निम्नलिखित आवश्यक प्रावधान किए गये हैं।
पंचायत के मतदाता-बिहार पंचायत राज अधिनियम,2006 की धारा 126 के अनुसार राज्य विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र की उस समय लागू निर्वाचक सूची या सूचियों का उतना भाग, जो किसी ग्राम पंचायत के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र से संबंधित है, में जिन व्यक्तियों के नाम निर्वाचक के रूप में अंकित होंगे, वे सभी व्यक्ति संबंधित पंचायत निर्वाचन में मतदाता होंगे;
परन्तु यह कि राज्य निर्वाचन आयोग स्वपे्ररणा से अथवा किसी व्यथित व्यक्ति से लिखित अभ्यावेदन प्राप्त होने पर यदि इस राय का हो कि ऐसा करने के लिए पर्याप्त कारण है, तो पंचायत के संबंधित प्रादेशिक निर्वाचक सूची में ऐसा परिवर्तन करने का निदेश दे सकेगा जैसा कि वह उचित समझे;
परन्तु यह और कि अधिनियम की धारा 124 के अधीन राज्यपाल पंचायत निर्वाचन की तिथि की अधिसूचना किये जाने के पश्चात निर्वाचक सूची में ऐसा कोई परिवर्तन नहीं किय जायेगा।
2. मतदाता सूची की तैयारी संबंधी दिशा निर्देशः-
वर्ष 2021 के आरक्षण विधान सभा के सूची के आधार पर बिहार पंचायत राज अधिनियम की धारा 126 के प्रावधानों के अधीन पंचायत निर्वाचन, 2021 के निमित्त मतदाता सूची तैयार करने हेतु राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निम्नलिखित निर्देश दिए गएः-
पंचायत निर्वाचन, 2021 हेतु मतदाता सूची की तैयारी का कार्यक्रम
(क) मतदाता सूची का वार्ड-वार विखंडन (प्रपत्र-क में)- 14.12.2020 से 28.12.2020 |
(ख) डाटावेस की तैयारी एवं प्रारूप मतदाता - 29.12.2020 से 12.01.2021
सूची सॉफ्ट प्रति में तैयार- 29.12.2020 से 12.01.2021
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(ग) प्रारूप मतदाता सूची का मुद्रण- 13.01.2021 से 18.01.2021 |
(घ) मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन- 19.01.2021 को
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(ड़) प्रारूप प्रकाशन की अवधि- 19.01.2021 से 01.02.2021 |
(च) प्राप्त दावा आपत्ति का निराकरण- 20.01.2021 से 08.02.2021 |
(छ) मतदाता सूची में नयी प्रविष्टियों पर- 14.02.2021 तक |
आयोग का अनुमोदन |
(ज) मतदाता सूची का अन्तिम प्रकाशन- 19.02.2021 को |
(झ) मतदाता सूची मुद्रण- 24.02.2021 तक |
(2) त्रिस्तरीय पंचायत निकायों एवं ग्राम कचहरी के लिए सामान्य मतदाता सूची-
विधान सभा के अद्यतन मतदाता सूची से वार्डवार (प्रा.नि.क्षेत्रवार) मतदाता सूची उनके सीमा विस्तार के अनुसार तैयार की गई। इसी अद्यतन सूची में ग्राम पंचायत एवं ग्राम कचहरी के सभी छः पदों यथा- ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, ग्राम कचहरी पंच तथा ग्राम कचहरी सरपंच के लिए मतदान कराया गया।
(3) मतदाता की अर्हताएँ:-
1 जनवरी, 2021 की अर्हता तिथि के आधार पर तैयार की गयी विधान सभा की मतदाता सूची में अंकित जिन मतदाताओं ने किसी कारणवश (जैसे-मृत्यु, क्षे के निवासी न रहने के कारण आदि) अर्हता खो दी हो, ऐसे मतदाताओं के नाम पंचायत निकायों के निर्वाचन हेतु बनाई जा रही मतदाता सूची में अंकित नहीं किए जाएंगे अन्यथा विधान सभा की उक्त प्रवृत मतदाता सेची में अंकित मतदाता पंचायत निकायों एवं ग्राम कचहरी के मतदाता बनने हेतु अर्हत होंगे। ऐसे व्यक्ति जिनका नाम विधान सभा, 2021 की मतदाता सूची में नहीं है और वे 01 जनवरी, 2021 को मतदाता होने की अर्हता रखते हैं, आवेदन के आधार पर उनके नाम की प्रविष्टि संबंधित प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज किया जा सकेगा।
(4) मतदाता सूची की तैयारी एवं प्रारूप प्रकाशन:-
किसी भी निर्वाचन का निर्वाचक सूची मुख्य स्तम्भ होता है। इस पूर्णतः पारदर्शी, जिम्मदारी पूर्ण त्रुटिरहित तैयार करना आयोग की प्राथमिकता है। वर्तमान में भारत निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची फोटोयुक्त मतदाता सूची है। बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा-126 के अधीन परिभाषित निर्वाचक के अनुसार मतदाता सूची पंचायत निर्वाचन नियमावली, 2006 के अध्याय-4 नियम 19 से 23 के आलोक में तैयार किया गया।
(5) बिहार पंचायत निर्वाचन नियमावली, 2006 के नियम-22 के अनुसार मतदाता सूची का प्रकाशन निम्नलिखित स्थानों पर किया गया।
(क) ग्राम पंचायत प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र |
संबंधित ग्राम पंचायत कार्यालय एवं प्रखंड कार्यालय में |
(ख) ग्राम पंचायत निर्वाचन क्षेत्र |
संबंधित ग्राम पंचायत कार्यालय एवं प्रखंड कार्यालय में |
(ग) पंचायत समिति प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र |
संबंधित प्रखंड कार्यालय में। |
(घ) जिला परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र |
संबंधित प्रखंड कार्यालय एवं जिला दण्डाधिकारी कार्यालय में |
साथ ही उक्त मतदाता सूची की आवश्यकता अनुसार पर्याप्त प्रतियों निर्वाचित समय सीमा अन्तर्गत कर लिया गया।
(6) प्रारूप प्रकाशन की अवधि:-
उपर्युक्त विधि से प्रकाशित प्रारूप फोटोयुक्त मतदाता सूची संलग्न कार्यक्रम के अनुसार 14 (चौदह) दिनों तक प्रकाशन में रहेगा। अवधि में मतदाता सूची में संशोधन हेतु दावें एवं आपतियों संलग्न प्रपत्रों में प्राप्त की जाएंगी। पर्याप्त मात्रा में संलग्न प्रपत्रों का मुद्रण/छायाप्रति कर प्रखंड/पंचायत कार्यालय में उपलब्ध करा दिया जाए ताकि आपतिकर्ता उक्त प्रपत्र कर आपत्ति-पत्र प्रखंड विकास पदाधिकारी के समक्ष दाखिल कर सके। आवश्यकतानुसार प्रपत्र की छाया प्रति व्यवहार में लायी जा सकती है। आपत्तियाँ प्राप्त करने के लिए कार्यालय अवधि में विहित पदाधिकारी/कर्मचारी की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और आपतिकर्ता को प्राप्ति रसीद अवश्य दी जाए।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा दैनिक समाचार पत्रों में प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से तथा सोशल मिडिया के माध्यम से भी प्रारूप प्रकाशन का विधिवत प्रचार किया गया।
(7) प्रारूप -प्रकाशन का व्यापक प्रचार:-
प्रारूप प्रकाशन के व्यापक प्रचार की व्यवस्था की जाए। जिन स्थानों में साप्ताहिक हाट बाजार लगते हों वहाँ ढोल पीटकर निम्नांकित सूचनाओं का प्रचार कराया जाए:-
(क) प्रकाशन की तिथि |
(ख) स्थानों का नाम, जहाँ निरीक्षण हेतु निर्वाचन सूची रखी गई है |
(ग) दावे एवं आपत्ति देने की अंतिम तिथि |
(घ) प्रखंड विकास पदाधिकारी/प्राधिकृत पदाधिकारी को दावा एवं आपत्ति संबंधी आवेदन संलग्न विहित प्रपत्र में दिया जाना है। |
(ड़) दावे, आपत्ति एवं प्रविष्टि की शुद्धि संबंधी प्रपत्र के बारे में सूचना |
(च) प्रारूप प्रकाशन एवं इसके प्रचार संबंधी कार्रवाई से संबंधित एक प्रतिवेदन राज्य निर्वाचन आयोग को प्रारूप प्रकाशन की तिथि के तुरंत बाद भेजा जाए। |
(8) दावे एवं आपत्तियाँ देने का आधार:-
दावे एवं आपत्तियाँ निम्न आधार पर ही दी जा सकेगी।
(1) विधान सभा की मतदाता सूची में नाम है, किन्तु विखंडन के पश्चात् तैयार की गई पंचायत की मतदाता सूची में नाम अंकित नहीं है। |
(2) विखंडन में त्रुटियों के कारण एक ग्राम पंचायत के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता का नाम उसी ग्राम पंचायत के दूसरे प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र में अंकित हो गया हो। |
(3) विधान सभा की मतदाता सूची में नाम अंकित नहीं है किन्तु वार्डवार विखंडन के समय या मतदाता सूची प्रारूप प्रकाशन के समय पंचायत की मतदाता सूची में स्वतः नाम जोड़ दिया गया है। |
(4) निर्वाचक का नाम उसके निवास के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र में न होकर अन्य प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र में अंकित हो गया है। |
(5) मतदाता सूची में मृत व्यक्ति का नाम अंकित है। |
(6) मुद्रण की भूल के कारण निर्वाचक अथवा उसके पिता/पति/लिंग/उम्र/ फोटो आदि में कतिपय संशोधन की आवश्यकता है। |
(7) 01.01.2024 को अठारह वर्ष की आयु पुरी हो रही हो। |
(8) क्षेत्र विशेष का मतदाता बनने की योग्यता रखते हो, किन्तु उनका नाम विधानसभा मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो। |
9. दावा एवं आपत्ति ऑनलाइन एवं ऑफ़लाइन दायर करने की व्यवस्था की गई। |
(1) प्रारूप प्रकाशन की अवधि में दिए गये दावे एवं आपत्तियों का निष्पादन संबंध निर्देश:- प्राप्त दावे/आपत्तियों का निष्पादन संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी/प्राधिकृत पदाधिकारी करेंगे। परन्तु नियम-23 में स्वप्रेरणा से मतदाता सूची में किसी त्रुटि का निवारण करने का जो प्रावधान है, इसका उपयोग सिर्फ जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) मतदाता सूची में नये नामों की प्रविष्ट किये जाने हेतु जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) को ही प्राधिकृत किया गया था। पंचायत निकायों के लिए मतदाता सूची सबसे न्यूनतम स्तर, यानि ग्राम पंचायत के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र के स्तर पर तैयार की जाएगी, ऐसी स्थिति में सीमित क्षेत्र के निवासियों द्वारा मतदाता सूची के बाबत जो कोई दावा या आपत्ति दी जायेगी, उसकी सत्यता की जाँच करने में सूक्षम एवं त्वरित की जाय।
(2) प्रस्तावित पंचायत चुनावों के आलोक में स्वार्थी तत्वों द्वारा सही मतदाताओं का नाम हटाने का प्रयास किया जा सकता है। किसी क्षेत्र विशेष में ऐसे मामले ज्यादा संख्या में आते हैं तो जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) ऐसे सभी मामलों की समीक्षा अपने स्तर पर अवश्यक कर संतुष्ट हो ले।
(3) प्राप्त दावा/आपतियों के निष्पादन का नोटिस तामिला एवं अभिलेख की तैयारी अवश्य की जाय।
(4) ऑनलाइन प्राप्त दावा एवं आपत्तियों हेतु ट्रेनिंग की व्यवस्था की गई।
(5) सभी प्राप्त दावा/आपत्तियों का निष्पादन कर Website पर Upload करने की व्यवस्था की गई है।
(8) दावे एवं आपति के निष्पादन के बाद अनुपूरक सूची की तैयारी-दावे एवं आपतियों के निष्पादन के बाद स्वीकृत मामलो के लिए अनुपूरक सूची का प्रारूप तैयार कराकर आवश्यकतानुसार पर्याप्त प्रतियाँ मुद्रित कराई गई।
(9) मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन:- निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया।
(10) मतदाता सूची का मुद्रण:-विधान सभा की वर्तमान मतदाता सूची फोटोयुक्त है। राज्य निर्वाचन आयोग का निदेश दिया गया कि फोटोयुक्त मतदाता सूची सिर्फ प्रारूप प्रकाशन के निमित्त मतदान केन्द्रों पर उपयोग हेतु तथा प्रखंड एवं जिला में संधारण हेतु बनेगी। प्रत्याशियों एवं अन्य के उपयोग हेतु बिना फोटो की मतदाता सूची आपूर्ति की जायेगी तथा मतदान केन्द्रो पर टांगे जाने वाली प्रति भी फोटो अंकित होगी।
व्यथित व्यक्तियों के लिखित अभ्यावेदन प्राप्त होने पर की जाने वाली कार्रवाई का प्रावधान:-
चूँकि बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा-126 में अंकित है कि "परन्तु यह कि राज्य निर्वाचन आयोग स्वप्रेरण से अथवा किसी व्यक्ति से लिखित अभ्यावेदन प्राप्त होने पर इस राय का हो कि ऐसा करने के लिए पर्याप्त कारण है, तो पंचायत से संबंधित प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावली में ऐसा परिवर्तन करने का निदेश दे सकेगा जैसा कि वह उचित समझे"
उक्त कार्य हेतु राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा-126 में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग के लिए सभी जिला पदाधिकारी-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) को शक्ति प्रदत्त करता है। यह कार्य राज्य निर्वाचन आयोग के निदेशन, नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण में किया जायेगा, जिसका सतत् अनुश्रवण आयोग स्तर से होगी।
व्यथित व्यक्तियों के लिखित अभ्यावेदन प्राप्त होने पर की जाने वाली कार्रवाई की प्रक्रिया:- व्यथित व्यक्तियों के लिखित आवेदन पर भी कार्रवाई किया जाना अनिवार्य है। जिसके लिए निम्नलिखित कार्रवाई की जाय।
(1) किसी व्यथित का लिखित अभ्यावेदन (संलग्न विहित प्रपत्र यथा-व्यथित व्यक्तियों द्वारा मतदाता सूची में नाम प्रविष्ट करने हेतु आवेदन/व्यथित व्यक्तियों द्वारा किसी प्रविष्टि से संबंधित विशिष्टियों के संशोधन हेतु आवेदन) प्राप्त होने पर जिला पदाधिकारी-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) अभ्यावेदन में अंकित पर्याप्त कारण से जाँचोपरान्त संतुष्ट है तो उनके आदेश का रिकॉर्ड संधारित करते हुए ही मतदाता सूची में परिवर्तन यथा नाम सम्मिलित करने, नाम में संशोधन करने का आदेश देंगे।
(2) उक्त विहित प्रपत्र में प्राप्त अभ्यावेदन को ’डिजीटाइज’ कर मूल आवेदन पत्र को भी अपलोड करना है।
(3) उक्त आदेश के बाद निर्वाचक संबंधित विवरणी सॉफ्टवेयर की सहायता से अंकित करायेंगे।
(4) निर्वाचकों का नाम अनुपूरक सूची में परिलक्षित होगा।
उपरोक्त निदेश के अनुसार अंतिम रूप से प्रकाशित मतदाता सूची में व्यथि व्यक्तियों का नाम अनुपूरक मतदाता सूची में सम्मिलित करते हुए पंचायत आम निर्वाचन, 2021 हेतु जारी अधिसूचना के पूर्व मतदान कार्य सम्पन्न करने हेतु मतदाता सूची को मुद्रति कराया दिया गया।
मतदाता सूची की तैयारी संबंधी के सभी कार्य का पूर्ण रूप से डिजीटाईजेशन किया गया। साथ ही सॉफ्टवेयर के माध्यम से आयोग स्तर पर सघन अनुश्रवण किया।