भारत के संविधान के अनुच्छेद 243-ज्ञ के अधीन राज्य निर्वाचन आयोग में निहित प्लेनरी शक्तियों (Plenary Power) तथा बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा 128 प्रदत शक्तियों के अधीन राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा प्रेक्षकों की नियुक्ति की जाती है। प्रेक्षक अपनी नियुक्ति की तिथि से मतदान प्रकिया की समाप्ति तक राज्य निर्वाचन आयोग, के अधीक्षण, नियंत्रण एवं अनुषासन के अधीन कार्य करते है।
बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा 128 द्वारा प्रेक्षकेां को पंचायत निर्वाचन के संचालन एवं मतों की गणना पर निगरानी रखने हेतु वैधानिक शक्तियों प्राप्त है। उक्त धारा का अवतरण निम्नमवत है।
**128. Observers.- (1) The State Election Commission may nominate an Observer who shall be an officer of State Government to watch the conduct of election or elections in a constituency or a group of constituencies and to perform such other functions as may be entrusted to him by the State Election Commission.
(2) The Observer nominated under sub-section (1) shall have the power to direct the Returning Officer for the constituency or for any of the constituencies for which he has been nominated, to stop the counting of votes at any time before the declaration of the result or not to declare the result, if in the opinion of the Observer, booth capturing has taken place at a large number of polling stations or at places fixed for the poll or counting of votes or any ballot papers used at a polling station or at a place fixed for the poll are unlawfully taken out of the custody of the Returning Officer or are accidentally or intentionally destroyed or lost or are damaged or tampered with to such an extent that the result of the poll at that polling station or place cannot be ascertained.
(3) Where an Observer has directed the Returning Officer under this section to stop counting of votes or not to declare the result, the Observer shall forthwith report the matter to the State Election Commission and thereupon the State Election Commission shall, after taking all material circumstances into account issue appropriate directions.
Explanation- For the purposes of sub-section (2) and sub-section(3)’’ Observer’’shall include any such officer of the State Election Commission as has been assigned under this section the duty of watching the conduct of election or elections in a constituency or group of constituencies by the State Election Commission.’’
प्रेक्षक के रूप में प्रशासनिक सेवा के अनुभवी पदाधिकारियेां की नियुक्ति से यह अपेक्षा की जाती है कि संबंधित पदाधिकारी अपनी वरीयता एवं दीर्घ अनुभव से राज्य निर्वाचन अयोग को स्वतंत्र एवं निश्पक्ष निर्वाचन के संचालन में अपेक्षित सहयोग प्रदान करने की स्थिति में रहेंगे। आयोग सामान्यतः बिहार प्रशासनिक सेवा में उप सचिव स्तर अथवा उससे वरीय स्तर के पदाधिकारियों को प्रेक्षक के रूप में नियुक्ति करता है। ऐसे पदाधिकारी अपनी वरीयता तथा दीर्ध प्रशासनिक एवं निर्वाचन कार्यो के अनुभव से राज्य निर्वाचन आयोग को स्वतंत्र निश्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन के संचालन में अपेक्षित सहयोग प्रदान करते हैं। प्रेक्षकों से अपनी अधिकारिता क्षेत्र में पड़नेवाले निर्वाचन प्रबंध तंत्र उम्मीदवारों एवं मतदाताओं के मध्य सुसंगत अधिनियम, नियमावली, निर्वाचन प्रणालियों तथा राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों का कड़ाई से एवं निश्पक्ष ढंग से पालन कर प्रेक्षकीय दायित्व का निर्वहन करने की अपेक्षा की जाती है।
आयोग मतदान तथा मतदान से पूर्व की निर्वाचन प्रकियाओं के लिए और मतगणना के लिए अलग-अलग प्रेक्षक की नियुक्ति करता है। मतदान तक के लिए प्रेक्षकों की नियुक्ति राज्य निर्वाचन आयोग स्वंय करता है, परन्तु मतगणना कार्य के लिए आयोग के द्वारा यह शक्ति अर्थात प्रेक्षक नियुक्त करने की शक्ति संबंधित प्रमंडलीय आयुक्तों को प्रत्यायोजित कर दी जाती है। दूसरे शब्दों में मतगणना के लिए प्रेक्षकों की नियुक्ति प्रमंडलीय आयुक्तों के द्वारा की जाती है।
नियुक्त प्रेक्षकों का विवरण
पंचायत आम निर्वाचन, 2021 के लगभग 275 प्रेक्षकों की निुयक्ति की गई थी। यह नियुक्ति मतदान की तिथि तक के लिए थी। मतगणना के निमित्त संबंधित प्रमंडलीय आयुक्तों के द्वारा अलग-अलग प्रखंडों के लिए मतगणना प्रेक्षक की नियुक्ति की गई।
प्रेक्षकों की व्रीफिंग (दिनांक 07.09.2021 तथा 10.09.2021)
पंचायत आम निर्वाचन, 2016 के लिए नियुक्त प्रेक्षक अपने दायित्वों का स्वतंत्र एवं निश्पक्ष रूप से अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन कर सकें तथा निर्वाचन सभी प्रक्रिया पर अपनी पैनी नजर बनाए रखें, इसके लिए उनके उनके दायित्वों एवं कर्त्तव्यों के संबंध में जानकारी देना आवश्य कथा। इसलिए दिनांक 07.09.2021 तथा 10.09.2021 को दो अलग-अलग ग्रुप में प्रेक्षकों की एक ब्रीफिंग बैठक आयोग में आयोजित की गई। प्रारंभ में इस बैठक को राज्य निर्वाचन आयुक्त डा0 दीपक प्रसाद ने संबोधित किया। अपने संबोधन ने उन्होने प्रेक्षकों को बताया कि प्रेक्षक के रूप में उनकी नियुक्ति के पश्चात् उनकी सेवा राज्य निर्वाचन आयोग के नियंत्रणाधीन हो गयी है और वे अपने कार्य क्षेत्र में आयोग के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करेंगे, न सरकार के पदाधिकारी के रूप में। वे अपने कार्य में पूरी निश्पक्षता एवं तत्परता बरतें और यथासमय आयोग प्रतिवेदित करते रहें।
आयोग के सचिव श्री मुकेश कुमार सिन्हा के द्वारा नियुक्त प्रेक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें उन्हें प्रेक्षकों के कर्त्तव्यों एवं दायित्वों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। जिलों में प्रतिनियुक्त मतदान कर्मियों का रेण्डमाईजेषन पे्रक्षक के समक्ष किया जाना है। प्रेक्षक आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर कड़ी नजर रखेंगे तथा प्रत्याशियों एवं उनके पिरजनों/समर्थकों द्वारा किए जा रहें व्यय पर भी पैनी नजर रखेंगे। बैठक के अन्त में उपस्थित प्रेक्षकों का धन्यवाद ज्ञापन आयोग के उप सचिव श्री दिनेश कुमार के द्वारा किया गया।
1. प्रेक्षकों के दायित्व एवं कर्त्तव्य:-
प्रेक्षक मतदान दल के कर्मियों के प्रशिक्षण, मतपेटिका एवं मतदान सामग्रियों की व्यवस्था, मतदान केन्द्रों पर की गई व्यवस्था, सशस्त्र बल एवं दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति, मतदान समाप्त होने के 48 घंटे पूर्व चुनाव प्रचार रोके जाने, शराब बिक्री रोके जाने एवं अन्य संबंधित बिन्दुओं की समीक्षा कर सकेंगे एवं उसपर पैनी नजर रखेंगे। प्रेक्षक मतदान दल के कर्मियों से प्रश्न पूछकर उन्हें मतदान संचालन संबंधी नियमों की जानकारी होने का पता भी कर सकेंगे।
प्रेक्षक आयोग द्वारा निरूपित आदर्श आचार संहिता संबंधी निर्देशों की पूरी जानकारी प्राप्त करेंगे ताकि उसका अनुपालन प्रभावी एवं सार्थक ढ़ंग से किया जाने पर नजर रख सकें।
प्रेक्षक निर्वाची पदाधिकारी/जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) द्वारा प्रत्याशियों उनके प्रतिनिधियों के साथ निर्वाचन व्यय के लेखा संधारण के संबंध में आयोजित बैठक में भाग लेंगे तथा यह सुनिश्चित करेंगे कि आयोग द्वारा निर्वाचन वयय एवं उसके लेखा के संधारण के संबंध में निर्गत अद्यतन दिशा निर्देश से प्रत्याषियों/उनके उतिनिधियों को अवगत कराया गया है।
प्रेक्षक प्रत्याशिायोंके मित्रों एवं संबंधियों तथा उनके समर्थकों द्वारा किये जा रहे व्यय पर पैनी नजर रखेंगे एवं इसके उल्लंघन के मामलों को अभिलिखित कर आयोग की दृष्टि में लायेंगे।
2. प्रेक्षकों को कर्त्तव्य निर्वहन के लिए दी जाने वाली सुविधाएँ:-
प्रेक्षकों को सुविधा:-
प्रेक्षकों के आवास, परिवाहन एवं सुरक्षा व्यवस्था हेतु जिला निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा निम्न व्यवस्था की जायेगी:-
1. प्रेक्षकों से प्राप्त पूर्व सूचनानुसार रेलवे स्टेशन/बस स्टैंड से ठहराव स्थल तक प्रेक्षक को ले जाने एवं क्षेत्र भ्रमण हेतु उपयुक्त वाहन यथा संभव कार अथवा जीप की व्यवस्था।
2. प्रेक्षक की सुरक्षा हेतु एक सुरक्षा कर्मी। यदि जिला दंडाधिकारी एवं आरक्षी अधीक्षक के मत में सुरक्षा के दृष्टिकोण से उपर्युक्त से अधिक व्यवस्था की आवश्यकता हो, तो तदनुसार कार्रवाई हेतु वे स्वतंत्र होंगे।
3. स्कोर्ट अथवा पायलट कार की व्यवस्था प्रेक्षकों के लिए आवश्यक नहीं होगी वषत्र्ते कि जिला दंडाधिकारी एवं आरक्षी अधीक्षक के मत में अन्यथा नहीं हो।
4. प्रेक्षकों के साथ स्थानीय क्षेत्र/परिस्थितियों से भिज्ञ किसी पदाधिकारी को प्रतिनियुक्त किया जायेगा तथा प्रेक्षक को यह स्वतंत्रता होगी कि वे अपने साथ प्रतिनियुक्त सुरक्षा कर्मी, वाहन एवं उपर्युक्त पदाधिकारी के साथ अपनी इच्छानुसार आवंटित क्षेत्र में भ्रमण करें।
5. आवश्यकतानुसार विडियोग्राफर।
6. प्राथमिक चिकित्सा किट
7. अगर प्रेक्षक मिनरल वाटर अथवा बोतलबन्द पानी की मांग करें तो उन्हे इसकी आपूर्ती की जायेगी।
8. यथासंभव प्रेक्षकों को सरकारी/अर्द्धसरकारी अतिथिगृहों में ठहराने की व्यवस्था की जायेगी।
9. प्रेक्षक, उनके सुरक्षा गार्ड, ड्राईवर तथा उनके साथ प्रतिनियुक्त मार्गदर्शक के लिए जिला प्रशासन द्वारा भोजनादि की व्यवस्था इस प्रकार की जायेगी कि उन्हें उपने मूवमेंट में स्वतंत्रता रहे।
10. जिला निर्वाचन पदाधिकारी जिले में प्रतिनियुक्त प्रेक्षक, को एक फोल्डर उपलब्ध करायेंगे जिसमें जिले का मानचित्र, निर्वाचन कार्यक्रम, मतदाता सूची, प्रखण्ड में स्थापित मतदान केन्द्रों की सूची, निर्वाचन लड़न वाले अभ्यर्थियों की सूची, (आवंटित प्रतीक चिन्ह सहित), जिले के वरीय/महत्वपूर्ण असैनिक एवं आरक्षी पदाधिकारियों के दूरभाष संख्या, निर्वाचन संचालन हेतु की गई व्यवस्था तथा मतगणना कार्यक्रम की तैयारी आदि से संबंधित संक्षिप्त विवरण रहेगा।