आदर्श आचार संहिता के प्रभावी रहने की अवधि-
पंचायत आम निर्वाचन, 2021 की अधिसूचना निर्गत की तिथि से सभी जिलों के पंचायत निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी एवं संबंधित जिले के अंतिम चरण के विधिवत रूप से परिणाम घोषणा तक यह जारी रहेगा।
(उम्मीदवारों के लिए)
1-सामान्य आचरण:
(1) किसी भी उम्मीदवार को ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए जिससे किसी धर्म, सम्प्रदाय या जाति के लोगों की भावना को ठेस पहुँचे या उनमें निद्वेश या तनाव पैदा हो।
(2) मत प्राप्त करने के लिए धार्मिक, साम्प्रदायिक, जातीय या भाषायी भावनाओं का सहारा नहीं लिया जाना चाहिये।
(3) उपासना के किसी स्थल, यथा मन्दिर, मस्जिद, गिरजाघर, गुरूद्वारा आदि का उपयोग निर्वाचन प्रचार के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
(4) किसी उम्मीदवार के व्यक्तिगत जीवन के ऐस पहलुओं की आलोचना नहीं की जानी चाहिए। जिनका संबंध उसके सार्वजनिक जीवन या क्रियाकलापों से न हो और न ही ऐसे आरोप लगाये जाने चाहिए जिनकी सत्यता स्थापित न हुई है।
(5) किसी अभ्यर्थी की आलोचना उसकी नीति और कार्यक्रम, पूर्व इतिहास और कार्य तक ही सीमित रहनी चाहिए तथा उसके और उसके कार्यकत्र्ताओं की आलोचना असत्यापित आरोपों पर आधारित नहीं की जानी चाहिए।
(6) प्रत्येक व्यक्ति के शान्तिपूर्ण घरेलू जीवन के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए, चाहेह उसके राजनैतिक एवं धार्मिक विचार कैसे भी क्यों न हों। किसी व्यक्ति के कार्यों या विचारों का विरोध करने के लिए उम्मीदवार या समर्थकों द्वारा ऐसे व्यक्ति के घर के सामने धरना देने, नारेबाजी करने या प्रदर्शन करने जैसे तरीकों का सहारा लेना अथवा ऐसी कार्यवाही का कतई समर्थन नहीं किया जाना चाहिए।
(7) निर्वाचन क्षेत्र में मतदान की समाप्ति के लिए नियत किए गए समय से 48 घंटे पूर्व तक ही अवधि के दौरान कोई भी व्यक्ति न तो सार्वजनिक सभा बुलाएगा, न ही आयोजित करेगा या उसमें उपस्थित होगा।
(8) उम्मीदवारों को ऐसे सभी कार्यों से परहेज करना चाहिए जो बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 के अन्तर्गत अपराध हों जैसे कि-
(i) ऐसा कोई पोस्टर, इश्तहार, पैम्लेट या परिपत्र निकालना जिसमें मुद्रक और प्रकाशक का नाम और पता न हो,
(ii) किसी उम्मीदवार के निर्वाचन की सम्भावना पर प्रतिकूल प्रभाव डालने के उद्देश्य से उसके व्यक्तिगत आचरण और चरित्र या उम्मीदवारी के संबंध में ऐसे कथन या समाचार का प्रकाशन कराना जो मिथ्या हो या जिसके सत्य होने का विश्वास न हो,
(iii) किसी चुनाव-सभा में गड़बडी करना या विध्न डालना,
(iV) मतदाताओं को रिश्वत या किसी प्रकार का परितोशिक देना,
(v) मतदान केन्द्र के 100 मीटर के अन्दर किसी प्रकार का चुनाव प्रचार करना या मत माँगना,
(vi) मतदाताओं को मतदान केन्द्र तक लाने या ले जाने के लिए वाहनों का उपयोग करना,
(vii) मतदान/मतगणना केन्द्र में या उसके आसपास आपत्तिजनक या अशेभनीय या विश्रृंखल आचारण करना या मतदान/मतगणना केन्द्र के अधिकारियों के कार्य में बाधा डालना या उनसे अभद्र व्यवहार करना,
(viii) मतदाताओं का प्रतिरूपण करना अर्थात अपने पक्ष में गलत नाम से मतदान कराने का प्रयास करना।
(9) बिहार सरकार द्वारा सम्पूर्ण बिहार राज्य में शराब बन्दी लागू की गई है। किसी भी उम्मीदवार द्वारा न तो गैर कानूनी शराब खरीदी जाए और न ही उसे किसी को पेश या वितरित किया जाए। प्रत्येक उम्मीदवार द्वारा अपने कार्यकत्ताओं को भी ऐसा करने से रोका जाना चाहिए।
(10) किसी भी उम्मीदवार द्वारा किसी व्यक्ति की भूमि, भवन, अहाते या दीवार का उपयोग झण्डा टांगने, पोस्ट चिपकाने, नारे लिखने आदि प्रचार कार्यों के लिए नहीं किया जाना चाहिए और अपने समर्थकों एवं कार्यकत्र्ताओं को भी ऐसा नहीं करने देना चाहिए। किसी मकान आदि के मालिक द्वारा जोर-जबरदस्ती की सूचना देने पर त्वारित समुचित कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
(11) पंचायत आम निर्वाचन हेतु अभ्यर्थियों द्वारा अपने आवास एवं कार्यालय पर या प्रचार वाहन पर चुनाव प्रचार के लिए पोस्ट/बैनर आदि का उपयोग किया जा सकता है।
(12) अभ्यर्थी चुनाव प्रचार हेतु अपना कार्यालय भी खोल सकते हैं, परन्तु इसकी सूचना नवे निर्वाची पदाधिकारियों को देंगे कि उनका चुनाव कार्यालय किस स्थान पर अवस्थित है। कार्यालय आदि के खोलने में होने वाला व्यय भी निर्वाचन व्यय की परिधि के अन्दर होगा।
(13) किसी भी उम्मीदवार द्वारा या उसके पक्ष में लगाये गये झण्डे या पोस्टर दूसरे उम्मीदवार या उनके चुनाव क्षेत्र के कार्यकत्र्ताओं द्वारा नहीं हटाये जाने चाहिए।
(14) मतदान शान्तिपूर्वक तथा सुचारू रूप से सम्पन्न कराने में निर्वाचन डयूटी पर तैनात अधिकारियों के साथ पूर्ण सहयोग किया जाना चाहिए।
(15) मतदान केन्द्र/मतगणना केन्द्र पर प्राधिकृत कार्यकर्ताओं को उपयुक्त बिल्ले या पहचान-पत्र अवश्य दिया जाना चाहिए।
(16) चूँकि वर्तमान चुनाव दलगत आधार पर नहीं होना है, इसलिए किसी भी राजनैतिक दल के नाम पर या दल के झण्डा की आड़ में चुनाव प्रचार कार्य नहीं होने चाहिए।
(17) शासकीय/अर्द्धशासकीय परिसदनों, विश्राम गृहों, डाकबंगलों या अन्य आवासों का उपयोग चुनाव प्रचार/चुनाव बैठक के लिए किसी भी उम्मीदवार को नहीं करना चाहिए।
(18) किसी भी सरकारी/सरकार के उपक्रमों के भवन, दीवार तथा चहादीवारी पर अभ्यर्थी तथा उनके समर्थकों द्वारा
(i) किसी तरह का पोस्ट/सूचना नहीं चिपकाया जाना चाहिए।
(ii) किसी तरह का नारा नहीं लिखा जाना चाहिए।
(iii) किसी तरह के बैनर अथवा झंडा नहीं लटकाया जाना चाहिए।
(19) किसी भी उम्मीदवारर या उनके समर्थकों द्वारा मतदाताओं को अपने पक्ष में मतदान के लिए नगद अथवा वस्तुओं का वितरण नहीं किया जाएगा और किसी अन्य प्रकार का प्रलोभत नहीं दिया जायेगा।
2-सभाएँ
(1) किसी हाट, बाजार या भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थल पर चुनाव सभा के आयोजन के लिए सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति ली जानी चाहिए तथा स्थानीय पुलिस थाने में ऐसी सभा के आयोजन की पूर्व सूचना दी जानी चाहिए ताकि शान्ति और व्यवस्था बनाए रखने तथा यातायात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस आवश्यक प्रबंध कर सके।
(2) सभा करने की अनुमति संबंधित निर्वाची पदाधिकारी द्वारा दिया जाएगा।
(3) प्रस्तावित सभा के आयोजन के क्रम में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग हेतु आवश्यक अनुज्ञा सक्षम पदाधिकारी से सभा के पूर्व प्राप्त कर लेनी चाहिये। ध्वनि विस्तारक यंत्र/हैंड माइक का उपयोग सुबह छः बजे से रात्रि दस बजे तक किया जाएगा।
(4) ध्वनि विस्तारक यन्त्र/हैंड माइक से प्रचार संबंधित चरण के मतदान हेतु निर्धारित तिथि के अपराह्न पाँच बजे के 48 घंटे पूर्व तक ही किया जा सकेगा।
(5) बिना अनुज्ञप्ति के किसी भी अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तावित सभा में ध्वनि विस्तारक यन्त्र/हैंड माइक का उपयोग किये जाने पर सहायक अवर निरीक्षक या उसके ऊपर का कोई पुलिस पदाधिकारी उसे जब्त कर सकता है। इसका उल्लंघन किये जाने पर बिहार ध्वनि विस्तारक उपयोग और बादन नियन्त्रण अधिनियम, 1955 की धारा 9 के तहत कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
(6) किसी व्यक्ति/व्यक्तियों द्वारा आम सभा में व्यवधान/विध्न उत्पन्न करने/तत्संबंधी प्रयास करने पर आम सभा आयोजकों द्वारा कत्र्तव्य पर उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों की सहायता प्राप्त की जाए, वे स्वयं ऐस व्यक्तियों के विरूद्ध अपने स्तर से कोई कार्रवाई नहीं करेंगे।
(7) प्रत्येक उम्मीदवार को किसी अन्य उम्मीदवार द्वारा आयोजित सभा या जुलूस में किसी प्रकार की गड़बडी करने या बाधा डालने से अपने कार्यकत्र्ताओं तथा समर्थकों को रोकना चाहिए। यदि दो भिन्न-भिन्न उम्मीदवारों द्वारा पास-पास स्थित स्थानों में सभाएँ की जा रही है, तो ध्वनि विस्तारक यंत्रों के मुह विपरी दिशाओं में रखे जाने चाहिए।
(8) कोविड-19 के संबंध में केन्द्र/राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर दिए गए दिशा निदेशों का पूर्ण अनुपालन किया जाएगा।
3-नुक्कड सभा
प्रचार हेतु किए जाने वाले नुक्कड सभा की सूचना निर्वाची पदाधिकारी एवं स्थानीय थाना को दी जानी चाहिए। नुक्कड सभा हेतु निर्वाची पदाधिकारी से अनुमति प्राप्त करना आवश्यकहोगा। ऐसे सभाओं में ध्वनि विस्तारक यन्त्र/हैंड माइक का उपयोग करने हेतु सक्षम पदाधिकारी से अनुमति प्राप्त करना आवश्यकहै। कोविड-19 के संबंध में केन्द्र/राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर दिए गए दिशा निदेशों का पूर्ण अनुपालन किया जाएगा।
4-जुलूस
(1) किसी उम्मीदवार द्वारा जुलूस के आयोजन की स्थिति में जुलूस के आरम्भ होने का स्थल, समय तथा तिथि, जुलूस का मार्ग तथा जुलूस की समाप्ति का स्थल एवं समय पूर्व से निर्धारित किया जायगा तथा सामान्यतः इसमें कोई परिवर्तन नहीं किया जायगा। जुलूस का आदेश निर्वाची पदाधिकारी द्वारा दिया जाएगा।
(2) उम्मीदवार को चाहिए कि वह अपने जुलूस उन्हीं मार्गो से ले जायें जिसके लिए उन्हें पूर्व से अनुमति मिली हो। इस क्रम में इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि जुलूस के कारण यातायात में कोई बाधा न हो।
(3) जुलूस के आयोजको द्वारा स्थानीय पुलिस पदाधिकारियों को तत्संबंधी कार्यक्रम की लिखित सूचना पूर्व में ही दी जायगी ताकि पुलिस द्वारा आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चितकी जा सके।
(4) किसी उम्मीदवार के समर्थन में आयोजित जुलूस ऐसे क्षेत्र या मार्ग से नहीं निकाला जाना चाहिए जिसमें कोई निषेधात्मक आदेश प्रशासन द्वारा जारी किय गया हो। अगर ऐसा आदेश लागू हो, तो उसका सख्ती से पालन किया जाय।
(5) जुलूस के आयोजिकों द्वारा जुलूस को पार करने हेतु आवश्यकव्यवस्था पूर्व से ही कर ली जाएगी ताकि यातायात बाधित न हो अथवा उसमें कोई विध्न नहीं हो। यदि जुलूस काफी लम्बा हो तो उसे टुकड़ों में आयोजित करेंगे ताकि सुविधाजनक कालान्तर में सड़क/चैराहों पर जुलूस गुजर सके तथा उस क्रम में यातायात भी बाधित नही हो।
(6) जुलूस के दौरान कर्तव्य पर उपस्थित पुलिस पदाधिकारी/कर्मी को निर्देश एवं सुझाव का अवश्य पालन किया जाये।
(7) यदि दो या अधिक उम्मीदवारों द्वारा एक ही मार्ग अथवा मार्गअंष पर एक ही समय जुलूस के आयोजन का प्रस्ताव हो, तो संबंधित आयोजक एक दूसरे से समन्वय स्थापित कर यह व्यवस्था सुनिश्चितकरेंगे कि जुलूस आपस में नहीं भिड़ने पाये अथवा यातायात बाधित नहीं हो। संतोषजनक व्यवस्था हेतु आयोजक स्थानीय पुलिस पदाधिकरियों का सहयोग प्राप्त करेंगे।
(8) उम्मीदवार को यह सुनिश्चितकरना चाहिए कि उसके जुलूस या रैलियों में लोग ऐसी चीजें लेकर न चलें जिनको लेकर चलना प्रतिबंधित हो या जिनका उत्तेजना के क्षणों में दुरूपयोग किया जा सकता है।
(9) प्रत्येक उम्मीदवार को किसी अन्य उम्मीदवार के पुतले लेकर चलने या उन्हें किसी सर्वाजनिक स्थान में जलाए जाने तथा इसी प्रकार के अन्य प्रदर्शन का आयोजन करने से अपने कार्यकत्र्ताओं को रोकना चाहिए।
(10) कोविड-19 के संबंध में केन्द्र/राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर दिए गए दिशा निदेशों का पूर्ण अनुपालन किया जाएगा।
5. नाम निर्देशन-
नाम निर्देशन के दौरान सभी अभ्यर्थियों, समर्थकों अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा कोविड-19 के संबंध में केन्द्र/राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर दिए गए दिशा निदेशों का पूर्ण अनुपालन किया जाएगा।
6. कोविड-19 संबंधी सावधानियाँ-
वर्तमान समय में देश कोविड-19 से संघर्षरत है। सभी उम्मीदवारों, उनके समर्थकों एवं निर्वाचन कार्य में संलग्न सभी व्यक्तियों द्वारा कोविड-19 के संबंध में केन्द्र/राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर दिए गए दिशा निदेशों का पूर्ण अनुपालन किया जाएगा। सभी उम्मीदवारों एवं उनके समर्थकों द्वारा सभाओं, नुक्कड सभाओं एवं जुलूस के दौरान कोविड-19 के संबंध में समय समय पर निर्गत दिशा-निर्देश का अनुपालन अनिवार्य होगा। जिसके महत्वपूर्ण बिन्दु निम्नलिखित है-
(1) सामाजिक दूरी का (Social Distancing) अनुपालन
(2) प्रत्येक व्यक्ति को मास्क पहनना
(3) समय समय पर हैंड सेनिटाइजर का प्रयोग इत्यादि
कोविड-19 से संबंधित दिशा-निर्देशों का अनुपालन निर्वाची पदाधिकारी/सहायक निर्वाची पदाधिकारी द्वारा सुनिश्चित कराया जाएगा। कोविड-19 से संबंधित दिशा-निर्देशों के उल्लंघन कि स्थिति में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 के अंतर्गत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी, इसके अतिरिक्ति भारतीय दंड संहिता की धारा 188 एवं अन्य कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत भी कार्रवाई की जाएगी।
7. मतदान के दिन (सभी उम्मीदवारो/अभ्यर्थियों द्वारा)
(1) चुनाव कार्य मे संलग्न पदाधिकारियों को शान्तिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से मतदान प्रक्रिया के संचालन तथा मतदाताओं द्वारा मताधिकार का प्रयोग स्वतंत्र रूप से बिना किसी व्यवधान के करने में सहयोग प्रदान किया जायगा।
(2) अपने प्राधिकृत कार्यकत्र्ताओं को उपयुक्त बिल्ले/बैज या पहचान-पत्र दिया जायेगा।
(3) मतदाताओं को दी जाने वाली पहचान पर्चियाँ सादे कागज पर होनी चाहिए और उनमें उम्मीदवार का नाम या चुनाव चिन्ह नहीं होना चाहिए। पर्ची में मतदाता का नाम, उसके पिता/पति का नाम, प्रदेशिक निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक, मतदान केन्द्र क्रमांक तथा मतदाता सूची में उसके क्रमांक के अलावा और कुछ नहीं लिखा होना चाहिए।
(4) बिहार राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू है अतः गैरकानूनी शराब/मादक द्रव्य के वितरण पूर्णतः निषेध है, एवं इसका अनुपालन अनिवार्य है।
(5) मतदान के न्द्र के समीप स्थापित शिविरों में 100 मीटर की दूरी तथा अनावश्यक भीड़ जमा नहीं होने दी जाएगी ताकि विभिन्न उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच तनाव अथवा झगड़ा को टाला जा सके।
(6) यह सुनिश्चितकिया जाएगा कि प्रत्याशी का शिविर में किसी खाद्य पदार्थ की व्यवस्था नहीं की जाएगी या भीड़ जुटाने की अनुमति नहीं होगी।
(7) मतदान की तिथि को वाहन परिचालन पर लगाये गये प्रतिबंधो का अनुपालन सुनिश्चित करने में अधिकारियों को सहयोग प्रदान किया जायगा तथा मतदान की तिथि को वाहन परिचालन हेतु सक्षम पदाधिकारी से पूर्व से ही परमिट प्राप्त कर संबंधित वाहन पर सहज दृष्य स्थान पर चिपकाया जायगा।
(8) मतदाताओं के अतिरिक्त कोई भी उम्मीदवार या उनके अभिकर्ता मतदान कोष्ठ में प्रवेष नहीं करेगें।
भाग-3
सरकारी विभागों एवं कर्मियों के लिए
क-पदाधिकारियों एवं कर्मियों के लिए
1. सरकारी कर्मचारियों को चुनाव में बिल्कुल निश्पक्ष रहना चाहिए। जनता को उनकी निश्पक्षता का विष्वास होना चाहिए तथा उन्हें ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए जिससे ऐसी आशंका भी हो कि वे किसी उम्मीदवार की मदद कर रहे हैं।
2. चुनाव के दौरा के समय यदि कोई मंत्री निजी मकान पर आयोजित किसी कार्यक्रम का आमंत्रण स्वीकार कर ले तो किसी सरकारी कर्मचारी को उसमें शामिल नहीं होना चाहिए। यदि कोई निमंत्रण-पत्र प्राप्त हो तो उसे विनम्रतापूर्वक अस्वीकार देना चाहिए।
3. किसी सार्वजनिक स्थान पर चुनाव सभा के आयोजन हेतु अनुमति देते समय विभिन्न उम्मीदवारों के बीच कोई भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। यदि एक ही दिन और समय पर एक से अधिक उम्मीदवार एक ही जगह पर सभा करना चाहते हों तो उस उम्मीदवार को अनुमति दी जानी चाहिए जिसने सबसे पहले आवेदन-पत्र दिया है।
4. किसी भी उम्मीदवार को सरकारी भवन या उसके परिसर का उपयोग चुनाव प्रचार/चुनाव बैठक के लिए करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
5. पंचायत निर्वाचन के क्रम में सरकार के पदधारी यह सुनिश्चित करेंगे कि वे ऐसी शिकायत के लिए अवसर न दें कि उन्होंने चुनाव अभियान के प्रयोजनार्थ अपनी पदीय स्थिति का उपयोग किया है।
6. किसी प्राकृतिक प्रकोप या दुर्घटना को छोड़कर, जिसमें कि प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुँचाना आवश्यकहो, निर्वाचन की घोषणा से लेकर मतदान समाप्त होने तक की अवधि के दौरान पंचायत के किसी पदधारी (जैसे कि अध्यक्ष/उपाध्यक्ष आदि) के क्षेत्रीय भ्रमण को चुनावी दौरा माना जाना चाहिए और ऐसे दौरे में पंचायत के किसी कर्मचारी को उनके साथ नहीं रहना चाहिए।
ख- सरकारी विभागों के लिए
1. सरकारी सेवकों का पदस्थापन/स्थानान्तरण
(i) जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत), अनुमंडल पदाधिकारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, निर्वाची पदाधिकारी तथा जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) द्वारा मनोनीत उप निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) के स्थानान्तरण पर पाबन्दी रहेगी।
(ii) निर्वाचन कार्य से जुड़े अन्य क्षेत्रीय पदाधिकारियों/कर्मचारियों के स्थानान्तरण पर भी रोक रहेगी।
(iii) निर्वाचन कार्य में प्रतिनियुक्त किये जाने योग्य पदाधिकारियों/कर्मचारियों (शिक्षक सहित) आदि के पदस्थापन/स्थानान्तरण पर रोक रहेगी।
(iV) मेडिकल/पारा मेडिकल तथा आपातकालीन सेवाओं से जुडे पदाधिकारियों/कर्मचारियों के पदस्थापन/स्थानान्तरण को इस आदेश से मुक्त रखा गया है।
(V) पंचायत क्षेत्र में किसी प्रकार के व्यवसाय या वृत्ति के लिए अनुज्ञप्ति नहीं दी जानी चाहिए।
टिप्पणीः-
1. यदि प्रशासनिक दृष्टि से चुनाव से जुड़े पदाधिकारियों/कर्मचारियों का पदस्थापन/ स्थानान्तरण आवश्यक हो तो सक्षम प्राधिकारी द्वारा इसकी पूर्वानुमति राज्य निर्वाचन आयोग से अवश्य प्राप्त कर ली जायेगी।
2. उपरोक्त पाबन्दी संबंधित जिलों में जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) सह जिला पदाधिकारी के निर्वाचन की घोषणा प्रपत्र 5 में किए जाने से लेकर निर्वाचन परिणाम की विधिवत घोषणा होने तक लागू रहेगी।
ग- शासन और संस्थाओं के वाहन आदि के उपयोग पर प्रतिबंधः
(1) सरकार सहित सार्वजनिक उपक्रमों/प्राधिकरणों, स्थानीय निकायों, सहकारी संस्थाओं, कृषि उपज मंडियों या सरकार से अनुदान अथवा अन्य सहायता प्राप्त करने वाली संस्थाओं के वाहनों का उपयोग किसी उम्मीदवार के हित को आगे बढ़ाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। ऐसे वाहनों को उनके नियंत्रक अधिकारियों द्वारा निर्वाचन की घोषणा की तारीख से निर्वाचन समाप्त होने की तारीख तक, मंत्रिगण, संसद सदस्यों, विधान सभा सदस्यों, पंचायतों के पदधारकों या उम्मीदवारों को उपलब्ध नहीं कराया जाना चाहिए।
(2) केन्द्रीय सरकार अथवा राज्य सरकार के मंत्रियों के सहित किसी भी व्यक्ति के द्वारा चुनाव कार्य अथवा चुनाव संबंधी यात्रा के लिए सरकारी वाहनों के उपयोग पर भुगतान के आधार पर भी, पूर्ण प्रतिबन्ध रहेगा। परन्तु उपर्युक्त व्यक्तियों द्वारा सरकारी कार्यों के साथ चुनाव कार्य जोड़ा नहीं जायेगा।
3) ऐसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है जबकि केन्द्रीय सरकार अथवा राज्य सरकार के मंत्री जिला मुख्यालय या क्षेत्रीय स्तर के अन्य कार्यालयों तक सरकारी कार्यों के सिलसिले में दौरे पर जाने के लिए सरकारी वाहनों का उपयोग करते हों और तत्पश्चात् चुनाव कार्य हेतु स्थानीय दौरा किसी निजी वाहन के माध्यम से करते हों, तो पूरे दौरा को चुनाव कार्य हेतु सम्पन्न किया गया माना जाएगा। अर्थात किसी भी परिस्थिति में सरकारी यात्रा तथा चुनाव कार्य हेतु यात्रा एक ही साथ करने के लिए सरकारी वाहनों का उपयोग नहीं किया जा सकता है।
(4) सरकार के द्वारा भाड़े पर लिए गए वाहनों पर भी सरकारी वाहन की तरह यह प्रतिबंध लागू रहेगा।
घ. विकास योजनाओं का क्रियान्वयन
(i) नवीन योजनाओं की स्वीकृति एवं कार्यान्वयन पर रोक-
(1) पंचायत राज संस्थाओं द्वारा क्रियान्वित योजनायें मुख्य रूप से निम्नलिखित है, जिनमें पंचायती राज संस्था के प्रतिनिधियाँ की अहम भूमिका है एवं जिनका चयन/क्रियान्वयन ग्राम पंचायत के माध्यम से किया जाता है, तथा जिससे चुनाव प्रभावित हो सकता है-
- मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निष्चय योजना
- मुख्यमंत्री ग्रामीण गली-नाली पक्कीकरण निश्चय योजना
- 15वें वित्त आयोग में प्राप्त निधि से पंचायती राज संस्थाओं द्वारा संचालित योजनाएं
- ग्रामीण क्षेत्र में सोलर स्ट्रीट लाईट योजना
- केन्द्र/राज्य सरकार की कोई ऐसी योजना जिसके चयन/क्रियान्वयन में पंचायती राज संस्था के प्रतिनिधियों की प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से भूमिका है।
उक्त योजनाएँ यदि पूर्व से स्वीकृत है और जिनका क्रियान्वयन शुरू हो गया है उन पर रोक नहीं है लेकिन नये सिरे से उक्त योजनाओं की स्वीकृति एवं पूर्व से भी स्वीकृत परन्तु जिस योजना पर कार्य प्रारम्भ अब तक नहीं किया गया हो उन योजनाओं का कार्य प्रारम्भ करने पर पूर्णतः रोक रहेगा।
(2) उक्त योजनाओं के साथ साथ अन्य सभी नई योजनाऐं यथा प्रधानमंत्री आवास योजना सहित जिनमें पंचायती राज संस्था के प्रतिनिधियों कि प्रत्यक्ष या परोक्ष भूमिका हो, को भी उपर्र्युक्त सिद्धंत के आधार पर प्रारम्भ/क्रियान्वयन नहीं किया जाएगा।
(3) विकास योजनाओं से तात्पर्य राज्य के विकास की सामान्य योजनाओं से है, न कि किसी समुदाय विशेष से संबंधित योजनाओं से। ग्रामीण क्षेत्र में सामान्य योजनाओं से मतलब सड़क, शिक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य, विद्युतीकरण, महिला एवं बाल कल्याण इत्यादि से संबंधित योजनाओं से है। किसी विशेष समुदाय के लिए छात्रावास, विद्यालय भवन निर्माण या अन्य प्रकार की कल्याणाकारी योजनाएँ सामान्य विकास योजनाओं के तहत नहीं आयेंगी तथा निर्वाचन प्रक्रिया समाप्त होने तक ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी योजनाओं के क्रियान्वयन, शिलान्यास अथवा, उद्घाटन पर पूर्ण पाबन्दी रहेगी।
(4) बाल विकास परियोजना के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों की सेविका और सहायिका के चयन, जिसमें ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों की प्रत्यक्ष भुमिका होती है, पर प्रतिबंध रहेगा।
(5) सांसद एवं विधायक निधि से नये योजनाओं की स्वीकृति एवं उनके कार्यान्वयन पर पाबन्दी रहेगी। किन्तु पंचायत की योजनाएं जो पूर्व से स्वीकृत है और जिनका क्रियान्वयन शुरू हो गया है उन पर रोक नहीं होगी। पूर्व से स्वीकृत योजना एंव जिस पर कार्य प्रारंभ अब तक नहीं किया गया हो उन योजनाओं का कार्य प्रारम्भ करने पर पूर्णतः रोक रहेगा।
(6) जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) सह जिला पदाधिकारी द्वारा प्रपत्र-5 में निर्वाचन की सूचना निर्गत करने की तारीख से विधिवत परिणाम की घोषणा होने तक संबंधित जिला में मंत्रियों संसद सदस्यों या राज्य विधान मंडल के सदस्यों द्वारा किसी पंचायत क्षेत्र में, जहाँ कि चुनाव होने वाले हों, स्वेच्छानुदान राषि, जनसम्पर्क निधि से कोई अनुदान स्वीकृत नहीं किया जाना चाहिए और न ही किसी सहायता या अनुदान का आष्वासन दिया जाना चाहिए। इस अवधि के दौरान किसी योजना का षिलाान्यास या उद्घाटन भी नही किया जाना चाहिए।
(ii) योजनाएं जिनपर रोक नहीं है -
(1) राष्ट्रीय उच्च पथ एवं राज्य के मुख्य पथों पर कार्य कराने में कोई पाबन्दी नहीं रहेगी।
(2) महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार गारन्टी योजना (मनरेगा) के अन्तर्गत पूर्व से चल रही योजनाओं के कार्यान्वयन पर कोई पाबन्दी नहीं रहेगी।
निबंधित लाभार्थियों के लिए वैसी नई योजनाएँ निर्वाची पदाधिकारी को सूचना देते हुए आरम्भ की जा सकती है, जो स्वीकृत योजनाओं की सूची में (shelf of projects) पूर्व से सूचीबद्ध एवं जिनके लिए पूर्व से निधि कर्णाकित (earmarkee) कर दी गयी है एंव क्षेत्र में मजदूर की माँग है। जबतक चालू योजनाओं में कार्य दिया जा सकता है तबतक कोई नई योजना सक्षम प्राधिकार द्वारा आरम्भ नहीं की जा सकेगी। (shelf of projects) की अनुपलब्धता अथवा इसमें उपलब्ध सभी योजनाओं के समाप्त हो जाने की स्थिति में संबंधित सक्षम प्राधिकार जिला पदाधिकारी-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) से नई योजनाओं की स्वीकृति कर कार्य आरम्भ कर सकता है।
(3) अन्तर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं, राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं आदि से स्वीकृत वित्तीय सहायता के आधार पर योजनाओं की स्वीकृति तथा उनके कार्यान्वयन पर कोई पाबन्दी नहीं रहेगी।
(4) आपात योजनाएँ यथा बाढ निरोधक योजनाओं, सुख अथवा अभावग्रस्त क्षेत्र से संबंधित योजनाओं आदि को पंचायत निर्वाचन की अवधि में प्रारंभ करने में कोई पाबन्दी नहीं रहेगी।
(5) सरकारी कार्यालयों के आधुनिकीरकण (जिसमें कम्प्यूटर तथा अन्य मॉडर्न गजट (Gadget) आदि चालू करना शामिल है) आदि पर कोई पाबन्दी नहीं रहेगी।
(6) विकास योजनाओं से संबंधित निविदा आमंत्रित करने या उसके निस्तारण पर कोई पाबन्दी नहीं रहेगी।
(7) केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाएँ जिसके क्रियान्वयन में पंचायत राज संस्था की भूमिका नहीं है उस पर आदर्श आचार संहिता लागू नहीं होगा।
(ड.) सरकारी विज्ञापन
पंचायती राज संस्थाओं (जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत) द्वारा सरकारी खर्च पर समाचार पत्रों और अन्य माध्यमों में किसी प्रकार के विज्ञापन का प्रकाषन नहीं कराया जाएगा।
(च) केन्द्र अथवा राज्य सरकार के मंत्रियों/विधायकों/सांसदों की यात्रा-
1. केन्द्र/राज्य सरकार के मंत्रियों द्वारा की जाने वाली सरकारी यात्रा और चुनावी यात्रा बिल्कुल अलग अलग होगी। दोनों यात्राओं को एक साथ नही किया जाएगा। ऐसी स्थिति में उत्पन्न हो सकती है जबकि केन्द्रीय सरकार अथवा राज्य सरकार के मंत्री जिला मुख्यालय या क्षेत्रीय स्तर के अन्य कार्यालयें तक सरकारी कार्यों के सिलसिले में दौरे पर जाने के लिए सरकारी वाहनों का उपयोग करते हों और तत्पष्चात चुनाव कार्य हेतु स्थानीय दौरा किसी निजी वाहन के माध्यम से करते हो, तो पूरे दौरा को चुनाव कार्य हेतु सम्पन्न किया गया माना जाएगा। अर्थात किसी भी परिस्थिति में सरकारी यात्रा तथा चुनाव कार्य हेतु यात्रा एक ही साथ करने के लिए सरकारी वाहनों का उपयोग नहीं किया जा सकता है।
2. केन्द्र अथवा राज्य सरकार के मंत्री, सांसद या विधायक किसी प्रत्याशी या मतदाता या प्राधिकृत अभिकत्र्ता के रूप में अपनी हैसियत के सिवाय मतदान केन्द्र अथवा मतगणना स्थल मे प्रवेष नहीं करेंगे।
3. मतदाता के रूप में मतदान हेतु जाने के लिए मंत्रियों, सांसदों या विधायकों की सुरक्षा हेतु सरकार की ओर से प्रतिनियुक्त सषस्त्र बल का वे इस्तेमाल कर सकेंगे। प्रतिनियुक्त अंगरक्षक/सषस्त्र बल मतदान केन्द्र में प्रवेष नहीं करेंगे, बल्कि मतदान केन्द्र परिसर के बाहर मंत्री/सांसद/विधायक की वापसी की प्रतीक्षा करेंगे।
4. शासन, सार्वजनिक उपक्रमों आदि में कोई ऐसी तदर्थ नियुक्ति, जो किसी उम्मीदवार के पक्ष में मतों को प्रभावित करें, नहीं करेगें।
5. किसी भी परिस्थिति में केन्द्रीय या राजय सरकार के मंत्री/लोक उपक्रमों के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष/सांसद/विधायक/राजनीतिक दलों के पदधारक को परिसदन/ निरीक्षण भवन आदि का उपयोग निर्वाचन संबंधी आम सभा का अयोजन/चुनाव प्रचार अभियान हेतु करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।