(क) पदाधिकारियों एवं कर्मियों की नियुक्ति
पंचायतों एवं ग्राम कचहरी के आम निर्वाचन, 2021 के लिए बड़ी संख्या में पदाधिकारियों तथा कर्मियों की आवश्यकता थी। इसके साथ ही उन पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्वाचन कार्य के संचालन के संबंध में प्रशिक्षण देने की आवश्यकता थी, जिससे कि निर्वाचन सुचारू रूप से सम्पन्न हो सके।
बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा 125 (1) के अधीन प्रावधान है कि राज निर्वाचन आयोग निर्वाचन कर्त्तव्य हेतु आवश्यक संख्या में पदाधिकारियों तथा कर्मचारियों की अध्यपेक्षा राज्य सरकार से करता है, तो राज्य सरकार इस कार्य हेतु पर्याप्त संख्या में पदाधिकारियों तथा कर्मियों की सेवाएँ उपलब्ध कराएगा है।
(क) जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत)
अधिनियम की धारा 125(2) के अनुसार पंचायत निर्वाचन के संचालन के लिए राज्य निर्वाचन आयोग प्रत्येक जिला के लिए जिला दंडाधिकारी को जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) के रूप में पदभिहित किया गया तथा जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) की सहायता के लिए एक या एक से अधिक जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) को पदाभिहित या नाम निर्दिष्ट करने हेतु जिला पदाधिकारी-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) को प्राधिकृत किया गया।
परन्तु राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशन, नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण के अध्यधीन जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) द्वारा अपनी अधिकारिता के क्षेत्र निर्वाचन के संचालन से संबंधित सभी कार्याें का समन्वय एवं पर्यवेक्षण किया जाता है।
(ख) निर्वाची पदाधिकारी की नियुक्ति
;जिला परिषद सदस्य के निर्वाचन के लिए अनुमंडल पदाधिकारी को निर्वाची पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है। सभी 101 अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्वाची पदाधिकारी नियुक्त किया गया। शेष पाँच पदों पंचायत समिति सदस्य, मुखिया, सरपंच, ग्राम पंचायत सदस्य तथा पंच के निर्वाचन के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी/उपसमाहत्र्ता स्तर से अन्यून पदाधिकारी निर्वाची पदाधिकारी नियुक्त किए जाते है। सभी 533 प्रखंडों के लिए अलग-अलग इसी स्तर के बिहार पंचायत राज अधिनियम की धारा 125(3) तथा बिहार पंचायत निर्वाचन पदाधिकारी नियमावली, 2006 के नियम 30 के तहत आयोग के द्वारा प्राधिकृत किए जाने पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) के द्वारा निर्वाची पदाधिकारी नियुक्त किए गए।
(ग) सहायक निर्वाची पदाधिकारी की नियुक्ति
इसी तरह जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) के द्वारा अधिनियम की धारा 125(4) तथा बिहार पंचायत निर्वाचन नियमावली, 2006 के नियम 31 के तहत निर्वाची पदाधिकारी (पंचायत) को उसके कृत्यों के निर्वाहन करने में सहायता करने के लिए पर्याप्त संख्या में सहायक निर्वाची पदाधिकारी (पंचायत) की नियुक्त की गयी।
(घ) मतदान केन्द्र स्तरीय पदाधिकारी की नियुक्ति
पंचायत आम निर्वाचन,2021 में ग्राम पंचायत के चार पद हेतु चार ठन् तथा चार ब्न् तथा ग्राम कचहरी के पद हेतु मतपेटिका होने के कारण बिहार पंचायत राज अधिनियम की धारा 125(5) तथा बिहार पंचायत निर्वाचन नियमावली 2006 के नियम 32 के तहत जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) के द्वारा प्रत्येक मतदान केन्द्र के लिए मतदान दल में एक पीठासीन पदाधिकारी एवं पाँच मतदान पदाधिकारी यथा मतदान अधिकारी (1, 2, 3।ए 3ठ एवं 3ब्) प्रतिनियुक्त किये गये इनकी प्रतिनियुक्त साॅफ्टवेयर में त्ंदकंउपेंजपवद पद्धति के द्वारा किया गया। बिहार पंचायत राज अधिनियम की धारा 125(9)(क) के तहत जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) अपने क्षेत्राधीन जिले के वरीय पदाधिकारियों में से मतदान की तिथि को विधि व्यवस्था के संधारण तथा मतदान की प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने निमित्त सतत पर्यवेक्षण हेतु अपेक्षाकृत बड़ी प्रशासनिक इकाई में जोनल दंडाधिकारी तथा छोटी प्रशासनिक इकाई में सेक्टर दंडाधिकारी की नियुक्ति करता है। अधिनियम की इसी धारा के अध्यधीन जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) के द्वारा अपने क्षेत्रान्तर्गत गश्तीदल दंडाधिकारी तथा अन्य निर्वाचन कर्तव्यों के निष्पादनार्थ कोषांगों के लिए पदाधिकारियों तथा कर्मियों की नियुक्ति करता है। प्रत्येक दो मतदान केन्द्र पर म्टड एवं मतपेटिका, मतदान केन्द्र पर उपलब्ध कराने तथा मतदान समाप्ति उपरांत म्टड एवं मतपेटिका को बज्रगृह में वापस लाने हेतु च्ब्ब्च् ;च्ंजतवसपदह.बनउ बवससमबजपदह चंतजलद्ध को प्रतिनियुक्त की गई। मतदान दल के सभी कर्मियों को जिला स्तर पर तीन प्रशिक्षण दिये गये।
(ड़) पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति
राज्य में पंचायत आम निर्वाचन पूर्णतः आंतरिक सुरक्षा बल से कराया गया और इसमे किसी अन्य राज्य के पुलिस बल अथवा केन्द्रीय सुरक्षा/पुलिस बल का प्रयोग बिल्कुल नहीं किया गया। मतदान केन्द्रों पर मुख्यतः गृहरक्षा वाहिनी के जवानों की तैनाती की गयी। इसके अतिरिक्त विधि व्यवस्था के संधारण तथा निर्वाचन संबंधी अन्य सुरक्षा कार्यों में जिला पुलिस बल की भी प्रतिनियिुक्ति की गई। सुरक्षा के आधार पर विभिन्न प्रकार के कार्यों के लिए पुलिस बल प्रतिनियुक्ति विवरणी इस प्रकार हैः-
a. |
Aggressive Pre-poll Mopping up |
b. |
Force Deployment Plan Prepared by SEC
- Per Booth Building – 1/4
- Per Nuxal Booth Building – 2/8
- Per PCCP - 1/4
- Per Sector min.-2 - 1/4
- EVM Clustur - 1/4
- Every Zone - 1/4
- For Strong Room - Three Section @ 2/8
|
c. |
Concept of Sector |
d. |
Sector Executive Assistant |
e. |
PCCP per two Polling station |
f. |
Zone |
g. |
Super Zone |
महत्वपूर्ण निर्देश के अनुसार अनुपालन
(क) पंचायत आम निर्वाचन, 2021 ई.वी.एम के माध्यम से कराया जाना है। अतः ई.वी.एम के परिचालन/स्थानांतरण के संदर्भ में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निदेशित Term and Condition तथा सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा गया।
(ख) ई.वी.एम कलस्टर केन्द्र एवं सेक्टर पृथक-पृथक है। सुरक्षित ई.वी.एम. को कलस्टर पर रखा जाना है, जहाँ से आवश्यकता पड़ने पर खराब ई.वी.एम. को प्रतिस्थापित किया जा सके। सेक्टर पदाधिकारी भ्रमणशील रहेंगे। अतः दोनों हेतु बल की प्रतिनियुक्ति पृथक रखा गया।
(ग) जोनल मजिस्ट्रेट, प्रखंड, अनुमंडल तथा जिलास्तरीय नियंत्रण कक्ष हेतु अतिरिक्त बल की प्रतिनियुक्ति।
(घ) पोल्ड ई.वी.एम. एवं मतपेटिका को वज्रगृह में रखने के पश्चात् भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित ई.वी.एम की सुरक्षा हेतु एस.ओ.पी के अनुपालन के संदर्भ में बलों की 24X365 प्रतिनियुक्ति @ प्लाटून (3 सेक्शन @ 2.8) के अनुसार किया गया।
विधि व्यवस्था का संधारण
(क) आयोग के निदेशानुसार अधिसूचना निर्गत की तिथि (24.08.2021) सभी जिलों द्वारा L & O I & II तथा Mcc IA तथा Mcc II का प्रतिवेदन विहित प्रपत्र में दैनिक रूप से अपलोड किया गया।
ख) पंचायत आम निर्वाचन, 2021 के अवसर पर दिनांक-24.08.2021 को अधिसूचना निर्गत की तिथि से ही सभी जिलों के पंचायत क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई।
(ग) दिनांक-24.08.2021 से ही सभी जिलों के द्वारा आयोग के वेबसाईट पर Law & Order तथा Model Code of Conduct से संबंधित प्रतिवेदन (L & O I & II,MCC I, MCC IA तथा Mcc II) निर्वाचन प्रक्रिया की समाप्ति तक अपलोड की गई।
पंचायत आम निर्वाचन, 2021 के अवसर पर निर्वाचन के दौरान प्रचार खर्च, धूस के रूप में नकदी वितरण, अवैध शराब का वितरण, असमाजिक तत्वों पर निगरानी रखने हेतु प्रत्येक प्रखंड स्तर पर एक उड़न दस्ता तथा एक स्थैतिक निगरानी दल (E.S.T & S.S.T) के गठन का निदेश दिया गया।
बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस मुख्यालय द्वारा तटबंध व दियारा क्षेत्रों पर निगरानी हेतु अवरोही दस्ता की भी तैनाती की गई।
- बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा नक्सल प्रभावित जिला गया, औरंगाबाद, सारण में अतिरिक्त बल दंगा निरोधी दस्ता एवं Quick Response Team की भी प्रतिनियुक्ति की गई। (बिहार पुलिस मुख्यालय का पत्रांक-234, दिनांक-04.12.2021) इस प्रकार राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा स्वतंत्र, निष्पक्ष, भयमुक्त वातावरण में कुल ग्यारह चरणों में पंचायत आम निर्वाचन संपन्न कराया गया
विधि व्यवस्था संधारण हेतु की गई कार्रवाई
- Massive Mopping up operation
- Arms/Explosive seized
- Arms and Weapons - 1111, Explosives -36, Cartridge – 5173, Bombs - 30
- Licensed Arms (Total 83055)
Verified- 52330, Deposited 11669, Impounded – 147, Cancelled – 1328
- Persons bound down under Preventive Section of Cr. PC. – Over – 639974, Down - 336994
- Execution of non-bailable warrants more/less than 6 months – Executed 24997, Pending 9031
- CCA -- Proposal Received - 6474, Order Passed – 4646
- Liquor Seized – 66,75,028 Ltr.
- Vehicle Checking (Fine collected in rupees – Rs. 12,82,00,313
- Information Regarding Vulnerable Hamlets
Hamlets identified as Vulnerable – 4459
persons identified as probable source of trouble – 19193
Of which preventive action taken against – 13303
- Speedy disposal of pending election offence cases of past elections.
FIR Lodged – 1901, Charge sheet filed – 1847, Final Report Submitted - 152
- Level playing filed creat कर आदर्श आचार संहिता का प्रभावी रूप से अनुपालन सुनिश्चित कराया गया ताकि सभी अभ्यर्थियों के मध्य एक समान अवसर उपलब्ध हो सके एवं इसके सभी गतिविधियों की दिन-प्रतिदिन जिलावार आयोग के पोर्टल पर अपडेट किया जाना। अद्यतन स्थिति प्राप्त कर आयोग के द्वारा समीक्षा किया जाना।
- विजय जूलूस पर प्रतिबंध- मतगणना पश्चात विजय प्रत्याशी द्वारा विजय जूलूस निकाले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया, चूंकि हारे हुए दबंग प्रत्याशी द्वारा विजेता प्रत्याशी के साथ मारपीट/हत्या कि आशंका बनी रहती है। इसके अतिरिक्त जिस क्षेत्र के मतदाता खास कर अभिवंचित समाज/कमजोर वर्ग के मतदाता जिनके द्वारा उनके पक्ष में मत नहीं दिये होते है, उनके विरूद्ध हिंसा की आशंका बनी रहती है। जिसे सम्पूर्ण क्षेत्र में गहन पेट्रोलिंग एवं विधि व्यवस्था आदि सुनिश्चित करा कर इसे रोकने की कार्रवाई की गई।