राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार द्वारा आगामी नगरपालिका निर्वाचन 2026 को सुरक्षित, पारदर्शी और त्रुटिरहित ढंग से सम्पन्न कराने हेतु युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। बिहार के निर्वाचन इतिहास में पहली बार अत्याधुनिक 'मल्टी पोस्ट एस3 मॉडल ई.वी.एम.' और 'टोटलाइजर' मशीन का प्रत्यक्ष व लाइव प्रयोग किया जाएगा। इस नवप्रवर्तन को धरातल पर उतारने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय, पटना में 12 और 13 जून 2026 को दो दिवसीय विशेष तकनीकी प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त डॉ. दीपक प्रसाद के कुशल मार्गदर्शन और ECIL, हैदराबाद के वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञों के नेतृत्व में आयोजित इस सघन प्रशिक्षण में पटना, सारण, औरंगाबाद, पूर्वी चम्पारण और सिवान जिलों के मास्टर ट्रेनर्स, आई.टी. मैनेजर और डी.आई.ओ. स्तर के पदाधिकारियों को व्यावहारिक (Hands-on) प्रशिक्षण और मॉक पोल का अभ्यास कराया गया। आयोग के सचिव श्री मुकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि 'टोटलाइजर' मशीन बिहार आयोग की एक अनूठी देन है, जिसके जरिए मतगणना के दिन मतों की शुचिता बनाए रखते हुए परिणाम को पदवार व अभ्यर्थीवार समेकित कर बड़ी स्क्रीन पर प्रदर्शित किया जा सकेगा। प्रशिक्षण के दौरान मुख्य तकनीकी मॉड्यूल जैसे—एक ही ईवीएम से विभिन्न पदों हेतु 'मल्टी पोस्ट वोटिंग प्रणाली', डेटा संरक्षण के लिए 'सिक्योर मेमोरी मॉडल (SMM)', उम्मीदवार निर्धारण (Candidate Setting) और प्रथम स्तरीय जाँच (FLC) पर विशेष बल दिया गया। यह नवाचार बिहार को देश के चुनावी सुधारों में एक 'रोल मॉडल' के रूप में स्थापित करता है।
Held on June 13, 2026
10 जून 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग का दो सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल (उप सचिव आलोक कुमार श्रीवास्तव और डॉ. एस.के. बेहार), बिहार के स्थानीय निकाय चुनावों में हुए तकनीकी नवाचारों और निर्वाचन सुधारों के अध्ययन हेतु पटना पहुंचा। बिहार राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव मुकेश कुमार सिन्हा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल का भव्य स्वागत किया। अध्ययन सत्र के दौरान बिहार आयोग ने छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों को पारंपरिक मतपेटी के स्थान पर ईवीएम (EVM) के प्रभावी प्रयोग और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी। विशेष रूप से बिहार द्वारा विकसित आधुनिक तकनीकों जैसे ई-वोटिंग (E-Voting), फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS), ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन (OCR) और डिजिटल लॉक (Digital Lock) का लाइव प्रदर्शन (Live Demonstration) किया गया, जिसने आगंतुकों को बेहद प्रभावित किया। इसके अतिरिक्त, बिहार पंचायत राज अधिनियम के कानूनी प्रावधानों और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणालियों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने चुनावों में पारदर्शिता और निष्पक्षता लाने वाली इन तकनीकों की भूरि-भूरि प्रशंसा की और इन्हें अपने राज्य में लागू करने के लिए बेहद उपयोगी बताया। माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त डॉ. दीपक प्रसाद ने इस ज्ञान और प्रशासनिक अनुभव के आदान-प्रदान को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण बताया। अंत में, छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों को स्मृति चिह्न प्रदान कर विदा किया गया।
Held on June 10, 2026